30 अगस्त 2012 - 19:30

इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने बुधवार के दिन भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उसके साथ प्रतिनिधिमंडल से भेंट में ..........

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने बुधवार के दिन भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उसके साथ प्रतिनिधिमंडल से भेंट में पहले ईरान और भारत की दो कौमों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, संस्कृति समानता की ओर इशारा करते हुए कहा: ईरानी राष्ट्र ने भारत को हमेशा सकारात्मक दृष्टि से देखा है यह सभी बातें आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए बहुत ही उचित हैं।सुप्रीम लीडर ने शैक्षिक और आर्थिक रूप से भारत के विकास और प्रगति को बहुत अच्छा और महत्वपूर्ण बताते हुए कहा ईरानी राष्ट्र ने इस्लामी क्रांति की सफलता मुख्य रूप से पिछले कुछ वर्षों में शैक्षिक, आर्थिक और सामूहिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जिनका पिछले कई शताब्दियों में कोई उदाहरण नहीं मिलता है।सुप्रीम लीडर ने भारत और ईरान के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सभी रास्तों को प्रशस्त बताते हुए कहा दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग विशेषकर व्यावसायिक और बुनियादी विभागों में सहयोग संतोषजनक साबित हो सकता है।सुप्रीम लीडर ने कहा अमेरिका एक अविश्वसनीय साथी है जो केवल इस्राईल के ग़ासिब ज़ायोनी शासन के लिए सच्चा साथी है। सुप्रीम लीडर ने क्षेत्रीय मुद्दों खासकर सीरिया और अफगानिस्तान की समस्या में ईरान और भारत के विचारों का समान बताते हुए कहा दोनों देश, क्षेत्रीय मुद्दों में सहयोग को बढ़ावा दे सकते हैं।सुप्रीम लीडर ने भारत की स्वतंत्रा, स्वाधीनता, स्थिरता और शक्ति को ईरान के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गुट निरपेक्ष आंदोलन पर तीन वर्षीय अध्यक्षता की अवधि में ईरान, भारत के सहयोग से क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों में आंदोलन की भूमिका को सक्षम और प्रभावी बना सकते हैं।इस बैठक में राष्ट्रपति अहमदीनेजाद भी मौजूद थे भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुप्रीम लीडर के साथ मुलाक़ात पर बहुत खुशी प्रकट की और भारत और ईरान दो देशों के ऐतिहासिक सांस्कृतिक सम्पर्क की ओर इशारा करते हुए कहा भारत, ईरान के साथ सभी क्षेत्रों विशेषकर ऊर्जा और बुनियादी क्षेत्रों में आपसी संपर्क को बढ़ावा देने का इच्छुक है।भारतीय प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत को बहुत ही सकारात्मक बताते हुए कहा इस चर्चा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।भारतीय प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय मुद्दों खासकर सीरिया और अफगानिस्तान की समस्याओं की ओर इशारा करते हुए कहा भारत, सीरिया में हर प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ है और सीरिया के संकट का समाधान केवल सीरियाई जनता की नज़र के अनुसार ही होना चाहिए।भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा गुट निरपेक्ष आंदोलन की तीन वर्षीय ईरानी अध्यक्षता में भारत इस आंदोलन की भूमिका को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए ईरान का भरपूर सहयोग करेगा।۔۔۔۔۔۔۔۔166